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IISGNII गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरः गुरुः साक्षात्परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नमः

श्रीप्रेम-सुधा-सागर (Shri-Prem-Sudha-Sagar)-GITA PRESS

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श्री कृष्ण-लीला-रस-रसिक भक्तों के मन को स्वस्थ वैचारिक पुष्टि-हेतु गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित तथा स्वामी अखण्डानन्द सरस्वती द्वारा अनुवादित श्रीमद्भागवत के दशम-स्कन्ध का सरस शैली में यह भाषानुवाद है। जगह-जगह गूढ़ भावों के प्रकाश-हेतु इसे श्री कृष्णलीला की रसमयी विशद व्याख्या से अलंकृत किया गया है, ताकि सामान्य जन भी श्री कृष्णलीला-सिन्धु में अवगाहन कर इस धरा-धाम पर सुलभ अमृत का पान कर अमरत्व प्राप्त कर सकें।

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